Common Characters From Ramayana And Mahabharata: अगर हिंदू पौराणिक कथाओं में आपकी रुचि है तो आपने गौर किया होगा कि ऐसे कई क़िरदार हैं, जो रामायण और महाभारत दोनों में ही नज़र आते हैं. दिलचस्प ये है कि ये दोनों ही महाकाव्य अलग-अलग समय से ताल्लुक रखते हैं, फिर भी इनमें समान पात्र मिल जाते हैं.

आज हम आपको हिंदू पौराणिक कथाओं के ऐसे ही 12 क़िरदरों के बारे में बताएंगे, जो रामायण और महाभारत दोनों ही जगह नज़र आते हैं.

Common Characters From Ramayana And Mahabharata

1. जाम्बवंत

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रामायण में जाम्बवंत राम की वानर सेना का हिस्सा हैं, उन्होंने हनुमान को अपनी ताकत और शक्ति का एहसास कराया था, जिसे हनुमान श्राप के कारण भूल गए थे. वहीं, महाभारत में वो भगवान कृष्ण के ससुर हैं. कहते हैं कि जाम्बवंत और कृष्ण के बीच 3-4 सप्ताह तक लड़ाई चल रही थी, जब जाम्बवंत थक गए तो उन्हें पता चला कि कृष्ण के असली रूप का पता चला. उन्होंने कृष्ण और उनकी बेटी जाम्बवती को रत्न दिया, जो भगवान कृष्ण की पत्नी में से एक हैं.

2. महर्षि दुर्वासा

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रामायण में दुर्वासा को उनके क्रोध के लिए जाना जाता है. उन्हीं के कारण भगवान राम के भाई लक्ष्मण को अयोध्या छोड़नी पड़ती है. वहीं, महाभारत में उन्हें ऋषि के रूप में वर्णित किया गया है, जो किसी के प्रसन्न होने पर आसानी से वरदान दे देते हैं. कुंती को उन्होंने अथर्ववेद मंत्र सिखाया था, जिससे 3 पांडव हुए.

3. नारद मुनि

नारद मुनि दोनों महाकाव्यों में अपने गपशप के कारण जाने जाते हैं. रामायण में उन्होंने वाल्मीकि को रामायण लिखने के लिए प्रोत्साहित किया. वहींं, महाभारत में वो उन ऋषियों में से एक थे, जिन्होंने हस्तिनापुर में कृष्ण की शांति वार्ता में भाग लिया था.

4. वायु देव

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वायु देव, जिन्हें वायु के देवता के रूप में भी जाना जाता है, हनुमान और भीम दोनों के पिता हैं. हनुमान को पवनपुत्र और भीम को वायुपुत्र के नाम से जाना जाता है।. उन्हें सौतेले भाई के रूप में जाना जाता है.

5. शक्ति महर्षि

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रामायण में भगवान राम और लक्ष्मण के गुरु वशिष्ठ थे. उनका विवाह अरुंधति से हुआ था और उनका एक पुत्र शक्ति थे. महाभारत में पराशर के पिता के रूप में शक्ति का उल्लेख है, जो विष्णु पुराण के लेखक भी हैं.

Common Characters From Ramayana And Mahabharata

6. मयासुर

रामायण काल में रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता मायासुर थे. वहीं, महाभारत में पांडवों के भवन का निर्माण मायासुर ने ही किया था. इस भवन का नाम मयसभा रखा गया था.

7. महर्षि भारद्वाज

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रामायण में, भगवान राम और सीता ने वनवास की यात्रा की शुरुआत में उनके आश्रम में उनसे मुलाकात की थी. महर्षि ने राम से अपने साथ रहने का अनुरोध किया, लेकिन बहुत विनम्रता से राम ने मना कर दिया और जंगलों में जाने का फैसला किया. वहीं, महाभारत में वो कौरवों और पांडवों के शिक्षक द्रोण के पिता थे.

8. कुबेर

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रामायण में कुबेर को धन के देवता के रूप में जाना जाता है. वे रावण के सौतेले भाई हैं. महाभारत में कुबेर को प्रजापति पुलस्त्य का पुत्र बताया गया है. कहा जाता है कि उनका जन्म गाय से हुआ है.

9. परशुराम

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रामायण में परशुराम का उल्लेख राम-सीता स्वंयवर में मिलता है. वहीं महाभारत में भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण के गुरु परशुराम ही थे. 

10. हनुमान

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त्रेता युग में जहां भगवान राम के कार्यों को पूरा कराने में हनुमान जी का बहुत योगदान था. वहीं द्वापर युग में पांडवों का जब वनवास काल चल रहा था, तब एक जंगल में भीम को हनुमान जी मिलते हैं. जंगल में राह चलते भीम का पैर हनुमान जी की पूंछ पर पड़ जाता है. भीम उनसे पूंछ हटाने को कहते हैं तो हनुमान जी ने कहा कि तू तो शक्तिशाली है तू ही मेरी पूंछ हटा दे लेकिन भीम अपनी पूरी शक्ति लगाने के बाद भी पूंछा नहीं हटा पाए. भीम समझ जाते हैं ये वानर स्वयं हनुमान जी हैं.

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11. विभीषण

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रामायण में विभीषण रावण का छोटा भाई है और भगवान राम का सच्चा भक्त था, इसलिए उसने अपने भाई के खिलाफ राम की मदद की. वहीं, महाभारत में उल्लेख है कि विभीषण ने युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में रत्न भेजे थे.

12. अगस्त्य ऋषि

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रामायण में अगस्त्य ऋषि, रावण से युद्द के पहले भगवान राम को दिव्य धनुष और बाण सौंपते हैं और उन्हें रावण के बुरे स्वभाव के बारे में बताते हैं. वहीं, महाभारत में वो विंध्य पर्वत को ऊंचा होने से रोकते हैं, ताकि सूर्य, चंद्रमा और सभी जीवित प्राणी उसे आसानी से पार कर सकें.