Controversial Religious Sites: दुनिया भर के देशों में विवादों और संघर्षों में अक्सर धार्मिक तनाव बड़ा कारण रहा है. विभिन्न संप्रदायों को बीच धर्म को लेकर बड़ी-बड़ी लड़ाइयां व तनानती बनी रही है. वहीं, भारत में हिन्दू-मुस्लिम विवाद लंबे समय से बना रहा है और आज भी विभिन्न मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ जाता है. 

कभी विवादित बयानों को लेकर, तो कभी धार्मिक स्थलों को लेकर. इसी क्रम में हम आपको भारत सहित विश्व के उन विवादित धार्मिक स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो विभिन्न संप्रदायों के बीच संघर्ष का कारण बन जाते हैं. बता दें कि ये लेख सिर्फ़ जानकारी के लिए है, इसे अन्य तरीक़े से बिल्कुल भी न लें.   

आइये, अब सीधा आर्टिकल (Controversial Religious Sites) पर नज़र डालते हैं. 

1. वेस्टर्न वॉल  

western wall
Source: wikipedia

Western Wall यहूदियों की पवित्र स्थल माउंट मंदिर की दीवार है. यहूदियों का मानना है कि ये मंदिर उस पवित्र पत्थर (Dome of the Rock) का स्थान है, जहां से दुनिया शुरू हुई है. यहीं मस्जिद ‘अल अक़्सा’ भी है. ये एक पठार पर है, जिसे मुस्लिम समुदाय पवित्र स्थान कहते हैं. मुस्लिम समुदाय का मानना है कि पैगंबर मोहम्मद ने पवित्र स्थल मक्का से यहां तक की यात्रा एक रात में पूरी की थी. वहीं, यहां मौजूद पवित्र पत्थर को लेकर मान्यता है कि यहीं से पैगंबर मोहम्मद जन्नत गये थे. मुस्लिम समुदाय भी वेस्टर्न वॉल को महत्वपूर्ण मानते हैं और इसे ही लेकर दोनों पक्षों में विवाद बना रहता है. 

2. ज्ञानवापी मस्जिद  

gyanwapi mosque
Source: news18

Controversial Religious Sites : ज्ञानवापी मस्जिद उत्तर प्रदेश के बनारस शहर में है. इस मस्जिद के वजू खाने में मिली एक आकृति को हिन्दू पक्षो द्वारा शिवलिंग होने का दावा किया गया है. वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि वो आकृति शिवलिंग नहीं, बल्कि एक पुराना टूटा हुआ फ़व्वारा है. ये विवाद कोर्ट तक भी पहुंच गया है और विवाद का माहौल बना हुआ है.  

3. पोटाला पैलेस 

potala palace
Source: chinahighlights

तिब्बत के ल्हासा में स्थित पोटाला पैलेस बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि ये दलाई लामा का पूर्व घर था, क्योंकि जब चीन ने तिब्बत पर आक्रमण किया, तो वर्तमान दलाई लामा यहां रुके थे. लेकिन, चीन ने इस स्थल पर पैसा लगाया और इसे संग्रहालय में बदल दिया, जिससे बौद्ध अनुयायी परेशान हैं कि उनके पवित्र तीर्थ स्थान को अब एक पर्यटन स्थल में बदल दिया गया है. इसके अलावा, दर्शन के लिए निकले तीर्थयात्रियों को भी यहां दिक्कत का सामना करना होता है. पोटाला पैलेस तिब्बती बौद्ध धर्म और चीनी सरकार के बीच जारी संघर्ष का प्रतीक बन गया है.  

4. द टेंपल माउंट  

temple mount
Source: timeout

Controversial Religious Sites : पुराने यरुशलम शहर में स्थित अल-अक़्सा मस्जिद परिसर को मुस्लिम समुदाय अपना पवित्र स्थल मानते हैं. वहीं, यहुदी इसी जगह को अपना पवित्र स्थल 'द टेंपल माउंट' कहते हैं. वो इस स्थल को ऐतिहासिक संबंध के रूप में देखते हैं. बीबीसी के अनुसार, UNESCO की कार्यकारी समिति ने एक प्रस्ताव जारी कर कहा था कि इस मस्जिद पर मुस्लिम समुदाय का अधिकार है और यहूदियों का इससे कोई संबंध नहीं.  

5. प्रीह विहार मंदिर 

Preah Vihear Temple
Source: therichest

कंबोडिया और थाईलैंड सीमा पर मौजूद प्राचीन प्रीह विहार मंदिर के आसपास विवादित ज़मीन पर दोनों देश लंबे समय से अपना अधिकार जताते रहे हैं. इसे लेकर दोनों के बीच कई बार हिंसक झड़पें भी हो चुकी हैं. ये इलाक़ा अभी भी विवादित ही है.   

6. चर्च ऑफ़ द होली सेपुल्कर 

The Church Of The Holy Sepulchre
Source: therichest

जेरूसलम स्थित ये स्थल विभिन्न ईसाई संप्रदायों के बीच विवाद का स्थान बन गया है, न सिर्फ़ ऐतिहासिक महत्व के लिए, बल्कि जटिल व्यवस्थाओं के लिए भी विवाद बना रहता है. इस चर्च को यीशु के सूली पर चढ़ाने का स्थान कहा जाता है और रूढ़िवादी ईसाइयों और रोमन कैथोलिकों द्वारा उनके पुनरुत्थान का स्थान माना जाता है.   

7. प्रह्लादपुरी मंदिर  

Prahladpuri Temple
Source: wikipedia

Controversial Religious Sites : प्रह्लादपुरी मंदिर भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के मुल्तान शहर में है. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भक्त प्रह्लाद ने भगवान नरसिंह के सम्मान में करवाया था. वहीं, जब बाबरी मस्जिद तोड़ी गई, तो पाकिस्तान में इस प्राचीन मंदिर को नष्ट कर दिया गया था. 

8. अयोध्या  

babri masjid
Source: dnaindia

Controversial Religious Sites: इस शहर में कभी बाबरी मस्जिद हुआ करती थी, जिसे 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों द्वारा ढहा दिया गया था. विवाद इस बात को लेकर था कि यहां हिन्दू मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी. कई समय तक ये केस कोर्ट में रहा और बाद में इसका फ़ैसला हिन्दूओं के पक्ष में सुनाया गया. वर्तमान में राम मंदिर का काम जारी है, लेकिन इसे लेकर बीच-बीच में बयानी विवाद छीड़ जाता है.