गुफ़ाओं से जुड़ी कई कहानियां, किंवदंतियां, दंत कथायें वगैरह हमने सुनी है. कहीं भी गुफ़ा दिखती है तो इंसान को उत्सुकता होती है कि आख़िर उसके अंदर क्या दिखेगा? कोई भयंकर जानवर या कोई ख़ज़ाना? किताबों और फ़िल्मों में भी तो यही दिखाते हैं.

Son Bhandar Caves Front
Source: Wikimedia

भारत में भी ऐसी कई गुफ़ायें हैं, और उन गुफ़ाओं से जुड़ी है कई कहानियां. गुफाओं में राजा-महाराजा द्वारा अपनी दौलत छिपाने के भी कई क़िस्से हैं. ऐसे ही क़िस्से जुड़े हैं बिहार के राजगीर में स्थित सोन भंडार गुफा (Son Bhandar Caves) के साथ.   

Source: Bihar Tourism

सदियों पुरानी गुफ़ा 

Atlas Obscura के लेख की मानें तो सोन भंडार गुफ़ाएं- दो आर्टिफ़िशियल गुफ़ाएं (Artificial Caves) हैं और इनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है. एक गुफ़ा के बाहर मौर्यकालीन कलाकृतियां मिलीं. दूसरी गुफा के प्रवेश द्वार पर गुप्त राजवंश के भाषा या चिह्नों में कुछ शिलालेख (Inscriptions) पाये गये हैं. The Times of India के लेख के अनुसार, इन गुफ़ाओं का निर्माण वैरादेव नामक 'जैन मुनि' ने किया था. शिलालेखों के आधार पर इन गुफ़ाओं का निर्माण काल 4 शताब्दी ई.पू. बताया गया. दूसरी गुफ़ा के बाहर ख़ूबसूरत जैन कलाकृतियां और विष्णु की मूर्ति है.  

ब्रिटिश आर्केलॉजिकल सर्वेयर ऑफ़ इंडिया (British Archaelogical Surveyor of India), Cunningham ने इन गुफ़ाओं की जांच-पड़ताल की और निश्कर्ष ये दिया कि इन गुफ़ाओं का संबंध बौद्ध धर्म से है.  

Son Bhandar Caves Jain
Source: The Times of India

सोन भंडार गुफ़ा का रहस्य 

सोन भंडार यानि सोने का भंडार. तो आख़िर इन गुफ़ाओं का नाम सोने का भंडार, ऐसा क्यों रखा गया? प्रचलित कहानियों की मानें तो यहां बहुत सारा सोना छिपा है. कहते हैं कि गुफ़ा में सोने के ख़ज़ाने तक पहुंचने का एक रास्ता है लेकिन कोई वहां तक पहुंच नहीं सकता.

लोग ये भी कहते हैं कि यहां जरासंध या बिंबिसार का छिपा ख़ज़ाना है. इस गुफा से कुछ ही दूरी पर जाकर वो जेल है जहां अजातशत्रु ने अपने पिता बिंबिसार को बंदी बनाया था.   

Son Bhandar Caves Inscriptions
Source: Achhi Gyan

गुफ़ा की एक दीवार पर एक दरवाज़ा जैसा कुछ बना है और उसके बगल में कुछ गुप्त शिलालेख है, जिसे आज तक कोई नहीं पढ़ पाया है. लोगों का मानना है कि ये कोई गुप्त शब्द हैं और जो ये पढ़ पायेगा वो ख़ज़ाने तक का रास्ता भी ढूंढ लेगा. आज तक कोई भी इस शिलालेख को नहीं पढ़ पाया है.  

गुफ़ा के अंदर छिपे ख़ज़ाने को ढूंढने की बहुत कोशिशें की गईं. अंग्रेज़ी सरकार के कुछ अधिकारियों ने गुफ़ा में तोप के गोले से विस्फोट करके घुसने की भी कोशिश की लेकिन सफ़ल नहीं हुए. और इन सब से गुफाओं का रहस्य और गहरा हो गया है.  

Son Bhandar Caves Bihar
Source: Half Samosa

दैनिक भास्कर के एक लेख के अनुसार, गुफा के अंदर जाते ही 10.4 मीटर लंबा और 5.2 मीटर चौड़ा कमरा है, कमरे की ऊंचाई लगभग 1.5 मीटर है. मौर्यकालीन इमारतें ऐसी ही होती थी.

अगर इस तरह कि कहानियां और पढ़नी है तो कमेंट बॉक्स में ज़रूर बतायें.