गर्मियों की धूप हो या सावन की बरसात, एक चीज़ जो ज़्यादातर लोगों के पास रहती है, वो है छाता. अंग्रेज़ी में इसे Umbrella भी बोलते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस छाते का इतिहास 4000 साल से भी पुराना है. उससे भी दिलचस्प बात ये है कि एक ज़माने में छाते को सिर्फ़ महिलाओं के इस्तेमाल की चीज़ समझा जाता था. 

आज हम आपको इसी छाते के रोचक इतिहास के बारे में जानकारी देंगे.

- कहा जाता है कि छाते का अविष्कार 4000 साल पहले हुआ था. उस वक़्त मिस्र, ग्रीस और चीन जैसे देश छाते का इस्तेमाल धूप से बचने के लिए करते थे. प्राचीन कलाकृतियों में भी इसका निशान देखे जा सकते हैं. 

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- यूरोप में धूप वाले छाते को पहुंचाने का श्रेय यूनानियों को जाता है. हालांकि, बारिश के पानी से बचने के लिए छातों का इस्तेमाल सबसे पहले रोम निवासियों ने किया था.

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-  मध्य युग के दौरान यूरोप में छातों का इस्तेमाल होना बंद हो गया था, लेकिन 16 वीं शताब्दी के अंत में इटली में फिर से इसका चलन शुरू हुआ. उस वक़्त ये छाता राजाओं और संभ्रांत लोगों के सम्मान और शासन का प्रतीक भी माना जाता था.

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- 17वीं शताब्दी में छाते का चलन फ़्रांस में थाऔर 18वीं शताब्दी तक ये पूरे यूरोप में फैल गया. हालांकि, उस वक़्त छाते को सिर्फ़ महिलाओं के इस्तेमाल की चीज़ माना जाने लगा और ये उनके फ़ैशन का एक हिस्सा बन गया. 

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- छातों को हर आम-ख़ास में फ़ेमस करने का श्रेय जोनस हेनवे नामक अंग्रेज़ व्यापारी को जाता है. जोनस एक संपन्न तथा अमीर व्यापारी था. साल 1750 के दौरान चाहे बारिश हो या धूप, वो लंदन की सड़कों व गलियों में अपने छाते के साथ घूमते थे. उस वक़्त आदमी उनका मज़ाक भी उड़ाते थे, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को छातों का महत्व समझ आने लगा. 

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- 1850 के दौरान छातों को नया लुक देना शुरू हुआ. दरअसल, आदमियों के छाते का रंग ज़्यादातर काला ही होता था, लेकिन बाद में महिला-पुरुष दोनों के लिए ही रंगीन छाते बनने लगे. उस दौरान छातों के हत्थों को कलात्मक बनाया जाने लगा. महारानी विक्टोरिया ने तो छातों में रंगीन रेशमी जालीदार कपड़े भी सजवाए.




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- उसके बाद से छाते में कई बदलाव देखने को मिले हैं. छातों को खोलने के लिए उसमें ऑटोमेटिक बटन लग गए. फ़ोल्ड करने वाले छाते आ भी आ गए. साथ ही, आज छाते पहले की तुलना में बेहद हलके होते हैं, जिन्हें आप आराम से यूज़ कर सकते हैं. ख़ैर मॉडर्न छातों के बारे में ज़्यादा बताने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आप उनसे अच्छी तरह वाकिफ़ हैं. 

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तो, कभी आपने सोचा था कि बारिश या धूप में जिस छाते को लेकर आप जाते हैं, उसका इतिहास इतना पुराना होगा.