दुनिया के हर कोने में ब्लू जीन्स (Blue Jeans) पहनी जाती है. आप ने भी लाइफ़ में कभी न कभी ब्लू जीन्स ज़रूर पहनी होगी. ख़ासकर नौजवान इन्हें बड़े चाव से पहनते हैं. भारत में भी लोग ‘ब्लू जीन्स’ बढ़ चढ़कर ख़रीदते और पहनते हैं, लेकिन क्या आप इसकी खोज का भारतीय कनेक्शन जानते हैं? नहीं चलिए आज हम आपको इस बारे में भी विस्तार से बताए देते हैं.

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ब्लू जीन्स (Blue Jeans) की खोज 1871 में Levi Strauss और Jacob Davis ने मिलकर अमेरिका में की थी. अमेरिका, भारत से हज़ारों मील दूर है. बावजूद इसके भारत का भी इसमें अहम रोल है. वो इसके नाम में छुपा है. दरअसल, Levi Strauss और Jacob Davis नीली जीन्स के लिए जो कलर सेट किया था वो उन्होंने भारतीय ‘नील’ से प्रेरित होकर सेलेक्ट किया था.

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ब्लू जीन्स की खोज 

Levi Strauss ने कैलिफ़ोर्नियां के खनिकों और कारखानों में काम करने वालों की एक बात नोटिस की. वो ये कि उनके कपड़े जल्दी फट जाते थे. ऐसे में उन्हें ऐसे कपड़ों की दरकार थी जो मजबूत हों. इसके बाद Levi Strauss ने जैकब डेविस नाम के ट्रेलर के साथ मिलकर सूती ब्लू जीन्स तैयार की. भारतीय ‘नील’ से रंगा ये कपड़ा उन्होंने इटली के जेनोआ से मंगाया था. इसी से इसका नाम ‘जीन्स’ पड़ा. अब ये ‘नील’ इंडिया से इटली और वहां से अमेरिका कैसे पहुंचा? इसके बारे में जानने के लिए आपको नील का इतिहास जानना होगा. 

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नीला सोना 

प्राचीन काल में लोग सीमित रंग के ही कपड़े पहनते थे, लेकिन जैसे ही इंडिगो डाई (नील) का आविष्कार हुआ, नीले रंग के कपड़े एक लग्ज़री आइटम बन गए. नील की खेती पहले अमेरिका में बहुत होती थी. इसकी डिमांड वैश्विक बाज़ारों में अधिक थी. मध्य युग के दौरान यूरोप में इंडिगो बहुत दुर्लभ और महंगा था. इसे नीला सोना भी कहा जाता था. 18वीं सदी में जब ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ ने भारत पर राज करना शुरू कर दिया तो उन्होंने किसानों को नील की खेती करने पर मजबूर कर दिया. इसकी बहुत डिमांड थी और नील में हाथ रंगने वाले व्यापारी का मालामाल होना पक्का माना जाता था.

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डेनिम जीन्स 

सन 1810 तक ब्रिटेन द्वारा आयातित नील में भारतीय नील का हिस्सा 95 फ़ीसदी हो गया था. यानी दुनियाभर में जो भी नील इस्तेमाल होता था वो भारत से ही बनकर जाता था. इस तरह नील इटली पहुंचा और वहां से अमेरिका. अब जो ब्लू जीन्स Levi Strauss ने बनाई थी उसे बाद में Nimes (निम्स) इटली के बुनकरों ने इसकी कॉपी करनी शुरू कर दी. इसे De Nimes कहा जाने लगा जो आगे चलकर डेनिम के नाम से पॉपुलर हुआ. 

जींस लोगों के बीच बहुत फ़ेमस हुई, लेकिन अभी भी लोग इसे ग़रीबों की पोशाक मानते थे. फिर अमेरिकन एक्टर James Dean ने अपनी मूवी Rebel Without A Cause पहना. इसके बाद ये युवाओं का प्रतीक बन गई और जीन्स का ट्रेंड पहले अमेरिका और बाद में पूरी दुनिया पर छा गया. आज ये जीन्स भारत सहित दुनियाभर के गांव-कस्बे में पहनी जाती है.

नीली जीन्स से जुड़ा ये भारतीय कनेक्शन पहले जानते थे आप?