बात क़रीब 37 साल पुरानी है, उस दौर में किसी के पास कार होने का मतलब उस व्यक्ति का बेहद अमीर होना माना जाता था. इसका दूसरा कारण ये भी था कि उस दौर में बेहद कम कारें बनती थीं, जिसकी वजह से लोगों के पास कम कारें होती थीं. आज हर घर में कार होती है, लेकिन वो दौर थोड़ा अलग था.

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सन 1981 में भारत की 'मारुति मोटर्स लिमिटेड' ने जापान की 'सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन' के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर बनाया. इस दौरान इन दोनों ने मिलकर कार प्रोडक्शन का काम शुरू किया. भारत में सस्ती कार बनने का सिलसिला सन 1983 में शुरू हुआ था. इसका श्रेय मारुति-सुज़ुकी को जाता है.

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साल 1983 में मारुती और सुज़ुकी ने मिलकर 'मारुति 800' कार लॉन्च की. मारूति के प्लांट से निकलने वाली ये पहली कार थी. इस दौरान भारत में इस कार को देश की सबसे सस्ती कार के तौर पर पेश किया गया था. इसे जनता की कार भी कहा जाता था. इस कार की क़ीमत तब 48,000 रुपये रखी गई थी.

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आइये जानते हैं देश की पहली 'मारुति 800' कार किसने ख़रीदी थी  

1983 में जब मारुती कंपनी ने 'मारुति 800' लॉन्च की तो इस कार की काफी लंबी वेटिंग चल रही थी. इस दौरान कई लोग 'मारुति 800' के लिए डबल प्राइस भी देने को तैयार थे. इस दौरान क़रीब 20,000 लोगों ने कार की बुकिंग कराई थी, लेकिन देश की पहली 'मारुती 800' कार दिल्ली के रहने वाले हरपाल सिंह को लकी ड्रॉ से मिली थी. 

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इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ख़ुद एयर इंडिया के कर्मचारी हरपाल सिंह को 14 दिसंबर, 1983 को 'मारुती 800' कार की चाबियां सौंपी थी. 

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हरपाल सिंह ने घर में 'मारुति 800' के आते ही अपनी पुरानी 'फ़िएट' कार बेच दी थी. इसके बाद उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी कोई दूसरी कार नहीं ख़रीदी. हालांकि, जब 'मारुति ज़ेन' कार लॉन्च हुई थी तो हरपाल सिंह के परिवार वालों ने उन्हें 'मारुति 800' कार बेचने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ये कहकर ठुकरा दिया कि जबतक वो ज़िंदा हैं वो इस कार को नहीं बेचेंगे.  

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हरपाल सिंह देश की इस पहली 'मारुति 800' कार को 27 साल तक चलाते रहे. इस दौरान मारुति कंपनी ने कई बार उनसे ये कार ख़रीदने के लिए काफ़ी क़ीमत का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन हरपाल सिंह ने कार नहीं बेची. हरपाल सिंह का कहना था कि ये कार उनके लिए बेहद ख़ास है इसलिए वो इसे कभी बेच नहीं सकते.

आज देश की पहली 'मारुति सुजुकी 800' कार लावारिस हालत में पड़ी है. इस आइकॉनिक कार के मालिक हरपाल सिंह और उनकी पत्नी अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनकी ये कार दिल्ली में ग्रीन पार्क स्थित एक मकान के बाहर खड़ी है. 

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बता दें कि भारत में आज भी मारुति-सुज़ुकी की कारें सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं, क्योंकि इसकी कारें सबसे ज़्यादा किफ़ायती और सस्ती होती हैं. भारत में मारुति और सुजुकी ने अपनी पहली कार 'मारुति सुज़ुकी 800' को 1983 से 2014 तक बेचा था.