भारत अपनी प्राचीन संस्कृति और विरासत के लिए दुनियाभर में मशहूर है. इतना ही नहीं भारत अपनी प्राचीन वास्तुकला के लिए भी काफ़ी मशहूर है. यही वजह है कि हर साल दुनियाभर से लाखों पर्यटक भारत भ्रमण पर आते हैं. भारत में आज भी सैकड़ों साल पुराने कई ऐतिहासिक स्मारक हैं जो विदेशी पर्यटकों को लुभाने का काम करते हैं. इनमें ‘ताजमहल’, ‘लाल क़िला’, ‘हुमायूं का मक़बरा’, ‘आमेर फ़ोर्ट’, ‘झांसी का क़िला’ समेत कई ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं. यूनेस्को भी इन स्मारकों को विश्व धरोहर घोषित कर चुका है.

भारत की इन ऐतिहासिक स्मारकों के बारे में तो हम सब कुछ जानते हैं, ताजमहल को किसने बनवाया था ये भी हर कोई जनता होगा, लेकिन इन स्मारकों को बनने में कितने साल लगे थे ये शायद ही कोई जनता होगा. आज हम आपको देश के कुछ ऐसे ही ऐतिहासिक स्मारकों के निर्माणकार्य के बारे में बताने जा रहे हैं कि इन्हें बनने में कितने साल लगे थे.

1- ताजमहल

दुनिया के 7 Wonders में से एक ताजमहल (Taj Mahal) को मुग़ल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ की याद में बनवाया था. आगरा में यमुना नदी के तट पर बेस इस ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण कार्य 1632 में शुरू हुआ था और ये सन 1653 में बन कर तैयार हो गया था. ताजमहल को बनने में क़रीब 21 साल लगे थे.

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2- लाल क़िला

लाल क़िला (Red Fort) पुरानी दिल्ली में भारत का एक ऐतिहासिक क़िला है जो मुग़लकाल में मुगलों का मुख्य निवास स्थान हुआ करता था. मुग़ल सम्राट शाहजहां ने 12 मई 1639 को लाल क़िले का निर्माणकार्य शुरू करवाया था, जबकि 6 अप्रैल 1648 बनकर तैयार हो गया था. इसे बनने में क़रीब 10 साल लगे थे.

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3- इंडिया गेट

दिल्ली में स्थित इंडिया गेट (India Gate) भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है. इंडिया गेट एक युद्ध स्मारक के तौर पर जाना जाता है. इसे 12 फ़रवरी 1931 को ‘प्रथम विश्व युद्ध’ में शहीद हुये भारतीय सैनिकों की याद में बनवाया गया था. इस पर 82,000 सैनिकों के नाम लिखे गए हैं. 12 फरवरी 1931 को इसे जनता के लिए खोल दिया गया था. इंडिया गेट को बनाने में पूरे 10 साल लगे थे.

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4- हुमायूं का क़िला

दिल्ली के सबसे ख़ूबसूरत ऐतिहासिक स्मारकों में से एक हुमायूं का क़िला (Humayun’s Tomb) का निर्माण उनकी पत्नी महारानी बेगा बेगम ने करवाया था. इसका निर्माणकार्य सन 1558 में शुरू हुआ था और ये सन 1571 में बनकर तैयार हुआ था. हुमायूं का क़िला बनने में पूरे 14 साल लगे थे.

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5- क़ुतुब मीनार

दिल्ली में स्थित क़ुतुब मीनार (Qutab Minar) मुगलकाल की प्रमुख निशानियों में से एक है. सन 1199 में मुग़ल शासक क़ुतुब उद-दीन ऐबक द्वारा इसका निर्माण शुरू करवाया गया था, लेकिन इस बीच उनकी मौत हो गई. इसके बाद उनके दामाद इल्तुतमिश द्वारा सन 1220 में इसे पूरा बनवाया गया था. इसे पूरा बनने में क़रीब 21 साल लगे थे.

6- गेटवे ऑफ़ इंडिया

मुंबई के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में से एक गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway of India) को किंग जॉर्ज वी और क्वीन मैरी के स्वागत के रूप में बनया गया था. 31 मार्च 1911 को इसकी आधारशिला रखी गई थी. इंडोसरैसेनिक शैली में निर्मित इस ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण कार्य 1924 में पूरा हुआ था. इसे बनने में 13 साल लगे थे.

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7- राष्ट्रपति भवन

राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) भारत के राष्ट्रपति का सरकारी आवास है. दिल्ली में स्थित ‘राष्ट्रपति भवन’ में कुल 340 कमरे हैं, ब्रिटिश काल के दौरान इसे ‘वाइसराय हाउस’ कहा जाता था. ये विश्व में किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के आवासों में सबसे बड़ा आवास है. इसका डिज़ाइन और निर्माण सन 1912 में Sir Edwin Lutyens द्वारा कराया गया था. ये सन 1929 में बनकर तैयार हो गया था. राष्ट्रपति भवन को बनने में 17 साल लगे थे.

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8- हवा महल

पिंक सिटी जयपुर की आन बान और शान हवा महल (Hawa Mahal) जैसा दूजा कोई नहीं. गुलाबी और लाल सैंडस्टोन से बने इस ख़ूबसूरत महल को सन 1799 में जयपुर के महाराजा सवाई प्रताप सिंह द्वारा बनवाया गया था. 953 खिड़कियों वाले इस अनोखे महल को बनने में क़रीब 10 साल लगे थे.

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