बिहार का एक स्कूल ऐसा भी है, जो सिर्फ़ एक बच्ची के लिये चल रहा है. ये सरकारी स्कूल गया से करीब 20 किमी दूर NH-83 के पास मनसा बिगहा में है. मनसा बिगहा प्राइमरी स्कूल की चर्चा यहां पढ़ने आने वाली जाह्नवी के कारण हो रही है. जाह्नवी को पढ़ाने के लिये स्कूल में रोज़ाना 2 टीचर मौजूद रहते हैं. जाह्नवी पहली कक्षा की छात्रा है और नियमित स्कूल आ कर पढ़ाई करती है. इसके अलावा मिड मील योजना के तहत उसके लिये खाना भी बनाया जाता है.

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इस बारे में स्कूल टीचर प्रियंका कुमारी का कहना है कि 'इस छात्रा को पढ़ाना हमारी पहली और महत्वपूर्ण प्राथमिकता है. वो अकेली ऐसी लड़की है, जो स्कूल में पढ़ने आती है.'

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वहीं स्कूल के प्रिसिंपल सत्येंद्र प्रसाद का मानना है कि जाह्नवी उनके लिये बहुत ख़ास है, क्योंकि उसकी प्राथमिकता पढ़ाई है और इसलिये वो रोज़ाना स्कूल भी आती है. शिक्षा के प्रति उसकी लगन सभी का मनोबल बढ़ाती है.

स्कूल अधिकारियों का कहना है कि गांववाले अपने बच्चों को यहां पढ़ने के लिये नहीं भेजना चाहते. इसलिये वो अपने बच्चों का एडमिशन प्राइवेट स्कूल में कराते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल में कुल 9 बच्चों का नामकंन हुआ है, जिसमें से सिर्फ़ जाह्नवी ही वहां पढ़ने के लिये आती है. वहीं 2015 में भी सिर्फ़ 12 छात्रों का नामकंन हुआ था.

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बिहार का ये स्कूल पांचवी कक्षा तक है. जिसमें पहली और पांचवीं क्लास में 2-2 छात्र हैं. तीसरी में 1, तो वहीं चौथी क्लास में 4 छात्रों का एडमिशन किया गया था. हांलाकि, इस स्कूल में बच्चों के लिये वो सभी बुनियादी सुविधाएं हैं, जो एक स्कूल में होनी चाहिये. इसके बावजूद स्कूल में छात्रों का न होना सभी के लिये एक बड़ा सवाल है?

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