डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम जी इंसान एक ऐसे शख्स हैं, जो अपने काम से ज़्यादा कारनामों के कारण चर्चा में रहते हैं. परम्परागत बाबाओं से हटकर राम रहीम जी आधुनिक लोगों की तरह जींस, टी-शर्ट पहनते हैं, बाइक चलाते हैं और स्टंट भी करते हैं. बाबा ने कई फ़िल्में भी बनाई हैं. इनके भक्तों के अलावा, बाकी लोग उन्हें फ़िल्मों की वजह से जानते हैं. वो अलग चीज़ है कि इनकी फ़िल्मों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें की जाती हैं.

बाबा राम रहीम एक बार फिर से चर्चा में हैं. लेकिन इसकी वजह फ़िल्म नहीं, बल्कि कुछ और है. बाबा ने इस बार Yoga Federation of India (YFI) के ज़रिए द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये अपना दावा ठोका है. जो बाबा की ही संस्था है.

द्रोणाचार्य पुरस्कार खेल प्रशिक्षकों को दिया जाने वाला भारत का सबसे बड़ा पुरस्कार है. बाबा का नाम इस पुरस्कार के लिए भेजने वाले उनके भक्तों और समर्थकों का कहना है कि बाबा इस पुरस्कार के लिए हर तरह से योग्य हैं. उनकी दलील है कि श्री शाह सतनाम जी स्कूल और कॉलेज, डेरा सच्चा सौदा की छत्र-छाया में चल रहे हैं और यहां से निकले खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं. इसलिए बाबा राम रहीम जी को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया जाना चाहिए.

इससे पहले एक इंटरव्यू में बाबा राम रहीम ने खुद भी कहा था कि कोहली, धवन, नेहरा और ज़हीर खान जैसे खिलाड़ियों की सफ़लता के पीछे उनका हाथ है. उनके दिए गए टिप्स की वजह से ही इन खिलाड़ियों को अपना खेल निखारने में मदद मिली.

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लेकिन अब द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए बाबा के दावे को देखकर खेल मंत्रालय भी हैरान है. उसे भी समझ नहीं आ रहा है कि वो इस दावे पर अपनी क्या प्रतिक्रिया दे. इसलिए फिल्हाल खेल मंत्रालय ने गेंद, पुरस्कार चयन समिति के पाले में डाल दी है. अब देखना ये होगा कि पुरस्कार चयन समिति बाबा के इस दावे पर क्या निर्णय लेती है.

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ये देखना दिलचस्प होगा कि अगर बाबा को द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलता है, तो क्या वो पुरस्कार लेने के लिये उसी धमाकेदार अंदाज़ में एन्ट्री करेंगे, जैसी एन्ट्री वो अपनी फ़िल्मों में करते हैं.