दो लोगों में प्यार हो तो शादी का बंधन उसे और मजबूत बना देता है क्योंकि फेरे के समय का वो वचन की मौत से पहले हमें कोई अलग नहीं करेगा, वो जीने के लिए काफ़ी होता है. शादी के वचन और प्यार को बख़ूबी निभाती इन दो लोगों की कहानी किसी को भी रुला देगी. The Humans of New York की ये कहानी जिसे एक बेटी बता रही है और ये प्यारभरी कहानी उसके मम्मी-पापा की है.

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“He had five daughters. And whenever he came home from a work trip, we’d all line up to give him a kiss. But he always kissed my mom first, because she was his ‘first love.’ Then he went on to his ‘second love,’ and his ‘third love.’ On weekends we’d all pile into the car and take these long road trips. We’d drive for hours, and the whole way he’d be singing to my mother. It was a normal thing for us, because we were used to it. But that kind of affection wasn’t normal in our culture. We used to have these karaoke parties with our extended family, and everyone else would sing normal songs. But Papa would choose these old, romantic Bollywood songs. And he’d sing directly to Mama. She loved every second of it. She’d get dressed up for him. She’d put on her brightest red lipstick. And she’d do her hair just as he liked it—even after she got sick. The tumor was deep in her brain. After every surgery, more and more of her would slip away. When she couldn’t walk properly anymore, she grew embarrassed of her limp. So Papa held her hand wherever they went. He’d sit next to her bed, and stroke her cheek, and recite the Quran until his lips went dry. Some nights he’d fall asleep sitting up in his chair, but then he’d wake up, and begin praying again. In her final moments, when she was slipping away, he leaned close to her and whispered: ‘You won’t be alone. I’m coming with you.’ I heard him say it. And I got so angry. It seemed selfish to me—as if the rest of us weren’t worth living for. But all his children were grown. Most of us had our own families. And I guess he felt like there was nothing left for him. Every day he visited Mama’s grave, even though we told him not to. He applied for the plot next to her, and every few hours he’d ask if the cemetery had called. He was obsessed. When the paperwork finally arrived— I rolled my eyes. But he got very quiet. For the next two days he barely said a word. Then on the third morning, he walked in our front door and told me he wasn’t feeling well. I bent down to help him with his shoes, but he collapsed on the floor. There wasn’t time for him to suffer. Because by the time the ambulance arrived, he was already gone.”

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 एक बेटी अपने पिता के बारे में बता रही है, जो दुनिया में किसी भी चीज़ से ज़्यादा उसकी मां से प्यार करते थे

उनकी पांच बेटियां थीं, लेकिन जब भी बिज़नेस ट्रिप के बाद घर आते थे तो सबसे पहले वो मम्मी को प्यार करते थे. हालांकि हम पांचों बहनें लाइन में खड़े होते थे कि वो पहले हमें प्यार करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता था क्योंकि मम्मी उनका पहला प्यार थीं. उनका प्यार एक जुनून की तरह था, वो उनके लिए गाते थे, उनको सराहते थे और उनको स्पेशल फ़ील कराने का कोई भी मौक़ा नहीं छोड़ते थे. 

उन्होंने आगे बताया,

वीकेंड में हम सभी एक लॉन्ग ड्राइव पर जाते थे, घंटों ड्राइव करने के दौरान पापा सिर्फ़ मम्मी के लिए गाने गाते थे. हमारे लिए ये एक सामान्य बात थी, क्योंकि हमको इसकी आदत थी, लेकिन हमारी संस्कृति में इस तरह का प्यार जताना सामान्य नहीं था. परिवार के लिए दायित्वों ने कभी उन्हें ये जताने से नहीं रोका कि वो उनका प्यार थीं. 

घर में होने वाली पार्टी को याद करते हुए बताया,

हम ऐसी पार्टीज़ अक्सर करते थे. सबलोग उसी दौर के गाने गाया करते थे, लेकिन पापा हमेशा पुराने गाने मम्मा के लिए गाते थे. उन्हें पापा का ये प्यार बहुत अच्छा लगता था. मगर हमारी दुनिया वीरान तब हुई जब मां को ब्रेन ट्यूमर हो गया.

इसके बाद तो जैसे उनका प्यार और बढ़ गया,

जब वो ठीक से चल नहीं पा रही थीं, तो पापा हमेशा उनके साथ रहते थे, वो जहां जाती थी उनका हाथ पकड़ कर ले जाते थे. यहां तक कि उनके बेड के बगल में ही बैठकर क़ुरान पढ़ते थे. कभी-कभी पढ़ते सो जाते थे, तो उठते ही फिर पढ़ने लगते थे.
this couple love story shows love has no boundaries

वो दिन आ गया जब उनके शरीर ने जवाब दे दिया, तो पापा ने उनसे कहा,

उनके आख़िरी समय में पापा ने उनके पास झुककर कहा, तुम अकेली नहीं हो मैं तम्हारे पास आ रहा हूं. 

हर दिन वो मम्मी की क़ब्र पर जाते थे, जबकि हमने उनसे जाने को मना किया था. उन्होंने मम्मा की क़ब्र के बगल में ज़मीन लेने के लिए अप्लाई किया था. इसके चलते वो हर घंटे हमसे पूछते थे क़ब्रिस्तान से कोई फ़ोन आया था क्या?

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जब क़ागज़ी कार्रवाई का समय आया तो वो शांत हो गए. उनकी आत्मा तो मम्मा के पास थी ही अब उनका शरीर भी उनके पास जाना चाहता था. तभी एक सुबह वो हमारे सामने के दरवाज़े पर आए और मुझे बताया कि वो अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं. मैं उनके जूते लेने के लिए जैसे फ़र्श पर झुकी वो फ़र्श पर गिर गए, जब तक एंबुलेंस आई वो जा चुके थे.  

प्यार की कई परिभाषाएं और कहानियां हो सकती हैं, लेकिन इनके पिता ने बताया प्यार में कोई हद और कोई नियम नहीं होते हैं. हम आशा करते हैं कि दोनों जहां भी होंगे ख़ुश और एक-दूसरे के प्यार में होंगे. 

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