'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती'

लेकिन आज कल बहुत कम लोग हैं जो मेहनत पर यकीन रखते हैं. सभी को सफ़लता की सीढ़ियां चढ़ने की जल्दी रहती है. पर सच यही है कि सफ़लता का एक मात्र मंत्र है, वो है मेहनत. मेहनत और लगन से आसमान की ऊंचाईयों को छू जा सकता है. भोपाल के Indian Revenue Service officer और Assistant Commissioner, Income Tax Department के अवध किशोर पवार भी मेहनती लोगों में से एक हैं.

अवध किशोर पवार मुंबई में गोदरेज में अच्छी ख़ासी नौकरी कर रहे थे, पर अपने सपने को पूरा करने के लिये वो माया नगरी मुंबई छोड़ कर दिल्ली आ गये. दिल्ली में आ कर UPSC की तैयारी में जुट गये. अपने सपने को पूरा करना उनके लिये किसी पहाड़ चढ़ने के बराबर था. इस दौरान उन्होंने कई परीक्षाएं दी. वो बैंकिंग और राज्य प्रशासन सेवाओं सहित लगभग 40 परीक्षाओं में फ़ेल भी हुए. इसके साथ ही वो पहले चार प्रयासों में यूपीएससी भी क्लीयर नहीं कर पाये थे.

इतनी हार मिलने के बाद भी वो हारे नहीं और मेहनत करते रहे. आखिरकार एक दिन उन्हें उनकी कड़ी मेहनत का फल मिला और यूपीएससी परीक्षा में 657 रैंक हासिल की. अवध मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले के एक ग्रामीण क्षेत्र से थे. ऐसे में उनके लिये कई चुनौतियां थीं. बड़े शहर में आकर पढ़ाई करना उनके लिये काफ़ी मुश्किल रहा. एक तरह से उन्होंने नये सिरे से सारी पढ़ाई की और अपने सपने को साकार किया.

UPSC
Source: clearias

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी ग़लतियों से हमेशा सीखा और आगे बढ़े. कमाल की बात ये है कि UPSC की तैयारी के लिये उन्होंने किसी कोचिंग सेंटर का सहारा नहीं लिया, बल्कि सारी मेहनत ख़ुद की. UPSC की तैयारी करने की प्रेरणा ऑफ़िसर को एक रिक्शा चालक के बेटे से मिली थी. जिसने बिना की सुख-सुविधा के परीक्षा दी और सेलेक्ट भी हो गया.

इसलिये कहते हैं मेहनत करो और आगे बढ़ो.

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