कोरोना वायरस के आतंक ने सभी को परेशान और निराश कर रखा है. हांलाकि, इस कठिन समय में कुछ लोग आशा और हिम्मत बन कर दुनिया के सामने आये हैं. जिन्हें देख कर ऐसा लगा, मानों इनके सामने हमारी हर परेशानी छोटी है. इन्हीं हिम्मत वाले लोगों में 11 साल का तबारक भी है. 

लॉकडान के चलते 11 साल के तबारक ने ठेले पर मां-बाप को बिठा कर 600 किमी तक का सफ़र तय किया. तबारक को सोशल मीडिया पर दूसरा श्रवण कुमार भी कहा जा रहा है. जिसने घायल पिता और दिव्यांग मां को बिठा कर इतनी लंबी यात्रा की. इस बच्चे को लेकर सेलिब्रिटी शेफ़ विकास खन्ना ने भी एक पोस्ट किया है. 

11 साल के तबारक की कहानी शेयर करते हुए विकास खन्ना लिखते हैं कि दादी मां श्रवण कुमार और माता-पिता के प्रति उसके प्रेम-सम्मान के बारे में बताया करती थी. हालांकि, पिछले दो महीने से हम बेसहारा पेरेंट्स की सेवा कर रहे हैं, पर रोज़ ये सब देख कर मेरा दिल टूट जाता है. हांलाकि, तबारक के बारे में जानने के बाद मेरा विश्वास फिर से जाग उठा है. तबारक की मां देख नहीं सकती और उसके पिता पैर से घायल हैं. उसने लॉकडाउन में मां-बाप को ठेले पर बैठा कर 600 किमी का सफ़र तय किया. उसने वाराणसी से अररिया ज़िले के जोकीहाट की यात्रा की.

Tabark
Source: DJ

तबारक को सलाम. भगवान आपका भला करे! इसे खोजने के लिये ट्विटर फ़ैमिली का शुक्रिया. 

कलयुग में कुछ श्रवण कुमार हैं, जिनके लिये मां-बाप की सेवा करना ही इबादत है. 

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