भारत देश की ये परंपरा रही है जब भी कोई आपत्ति आती है तो देश हो या घर हम सब साथ मिलकर उससे लड़ते हैं. बड़े हों या बूढ़े या फिर बच्चे सभी इसमें अपना योगदान देते हैं. ऐसी ही एक विपत्ति है कोराना वायरस जिसने कई महीनों से हमारे ही नहीं बल्कि कई अन्य देशों पर भी अपना डेरा जमाया हुआ है. इससे लड़ने के लिए सबलोग बहुत कुछ कर रहे हैं. ऐसा ही अपने देश में भी किया जा रहा है.

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कोरोना वायरस बच्चों और बूढ़ों दोनों को ही प्रभावित कर रहा है. इससे बचने के लिए हमारे देश के नन्हें-नन्हें साथ आगे आए हैं. उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार जो बन पड़ा वो करने की कोशिश भी की है.

ये रहे उनके छोटे मगर बड़े प्रयास और पहल: 

1. विजयवाड़ा के एक 4 साल के बच्चे ने कोरोना पीड़ितों के लिए गुल्लक में जमा किए 971 सीएम राहत कोष में दान कर दी, जबकि वो इन पैसों से साइकिल खरीदना चाहता था. 

2. चेन्नई के एक 7 वर्षीय लड़के ने 845 रुपये दान कर तमिलनाडु के सीएम को संबोधित एक पत्र में उसने लिखा:

मैंने 845 रुपये की बचत की है. मैं तमिलनाडु में कोरोना बीमारी से लड़ने के लिए आपको ये राशि दान देना चाहता हूं.

3. देहरादून के एक 15 वर्षीय लड़के ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया कि धार्मिक ट्रस्टों को COVID-19 से लड़ने की दिशा में ‘God’s Wealth’ का 80% भुगतान करना अनिवार्य किया जाए.

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4. मणिपुर की 8 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता, Licypriya Kangujam, ने भारत में संकट से बचने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए Face Shields बनाई थी. 

5. नोएडा के बच्चों ने एक लिफ़्ट में टूथपिक लगाकर लोगों को बटन न छूने के लिए प्रोत्साहित किया.

6. मिजोरम के एक 7 वर्षीय लड़के ने अपनी गुल्लक में जमा की पूरी राशि गरीबों को खाना खिलाने के लिए दान कर दी, जो लॉकडाउन के दौरान खाने के संघर्ष से जूझ रहे थे. 

7. 8 साल के एक कश्मीरी बच्चे ने कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए गुल्लक में जमा किए पैसे दान कर दिए थे.

8. Seattle के एक युवक ने फ़र्ज़ी खबरों से लड़ने और दुनिया को कोरोना वायरस महामारी पर अपडेट रखने के लिए एक वेबसाइट बनाई है. इस वेबसाइट के ज़रिए COVID-19 से जुड़ी हर अपडेट हर मिनट लोगों तक पहुंचाई जाती है.  

9. तमिलनाडु के एक ढाई साल के बच्चे ने पीएम मोदी के संबोधन को सुनने के बाद अपनी बचत को पीएम फ़ंड में दान कर दिया. 

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10. न्यू जर्सी के एक 17 वर्षीय लड़के और एक इंजीनियर ने 24 घंटे में कॉटन मलमल, सिलाई मशीन और 3 डी प्रिंटर का इस्तेमाल करके 200 फ़ेस मास्क बनाए थे. 

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11. आंध्र प्रदेश के एक 8 वर्षीय लड़के ने 4 साल की अपनी पूरी पॉकेट मनी सीएम रिलीफ़ फ़ंड में दान कर दी थी. 

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12. बच्चों ने इलेक्ट्रॉनिक प्रोटोटाइप प्लेटफ़ॉर्म एड्रिनो का उपयोग करते हुए एक टचलेस हैंड सैनिटाइज़र डिस्पेंसर डिज़ाइन किया था. 

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