शादी में महंगे-महंगे गिफ़्ट्स को त्याग बेंगलुरु की श्रुति ने जो किया उसकी सराहना तो बनती है. दरअसल, 29 साल की श्रुति पार्थासारथी की शादी 26 जनवरी के दिन थी. उन्होंने अपनी शादी में महंगे गिफ़्ट्स नहीं, बल्कि डोनेशन करने को कहा. उन्होंने अपने वेडिंग कार्ड के ज़रिए आए हुए मेहमानों से वाइल्डलाइफ़ हॉस्पिटल के लिए डोनेशन करने को कहा.

Source: nyoooz

अपने वेडिंग वेन्यू पर ही एक स्टॉल लगाकर डोनेशन का इंतज़ाम किया.ये डोनेशन स्टॉल Animals Wildlife Hospital & Rescue Centre के लिए थी. श्रुति इस काम के लिए बहुत ही ज़्यादा समर्पित हैं.

तीन महीने पहले की बात है, श्रुति ने बनशंकरी के पास एक घायल गिलहरी को देखते ही फ़ौरन PFA से संपर्क किया वहां से कुछ लोग आए और गिलहरी को हॉस्पिटल ले गए, जहां उसका इलाज किया. तीन दिन बाद जब श्रुति उसे देखने के लिए हॉस्पिटल गई तो उन्होंने गिलहरी को बिल्कुल सही सलामत पाया. PFA के लोगों ने उसका अच्छे से ख़्याल रखा था.

Source: animalhumanesociety

इसी के बाद श्रुति को एक आइडिया आया और उन्होंने PFA के लोगों को बुलाकर अपनी शादी के दिन डोनेशन स्टॉल लगाने का आग्रह किया. ताकि वहां आने वाले मेहमान अपनी इच्छानुसार डोनेशन दें और जिससे हॉस्पिटल को फ़ायदा हो.

श्रुति ने कहा,

मैं हमेशा से ही एनिमल लवर रही हूं. एक बार मैंने देखा कि कुछ कुत्ते 3 Puppies पर हमला कर रहे थे. जिसे देखकर हमने फ़ौरन उन्हें बचाया और अपने पास रखा. अब, तीनों 6 साल के हो चुके हैं. मैं जानवरों के लिए कुछ करना चाहती थी और इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है? ऐसा करने से लोगों में जागरुकता भी आ सकती है.
Source: gameswithwords

इसीलिए उन्होंने अपनी शादी के कार्ड में छपवाया,

हमें किसी उपहार की ज़रूरत नहीं है, कृपया हमें आशीर्वाद के साथ वन्यजीवन और प्रकृति को बचाने के लिए डोनेशन दें. इसके चलते हमने PFA के लिए फ़ंडरेज़र का आयोजन किया है, इसके लिए योगदान करें.

शादी के दिन सभी मेहमान फ़ंडरेज़र स्टॉल को देखकर चौंक गए. कई लोगों ने PFA के स्वयंसेवकों से बात की और डोनेशन भी दिया.

PFA के महाप्रबंधक कर्नल (डॉ) नवाज शरीफ़ ने कहा,

ये श्रुति की ही मेहनत का नतीजा है, जो लोग फ़ंड करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं क्योंकि हम बेंगलुरू में क्राउडफ़ंडिंग नहीं कर रहे थे. जितनी भी राशि इकट्ठा होगी सभी का उपयोग जानवरों के इलाज के लिए किया जाएगा.
Source: entrackr

आपको बता दें, श्रुति की मां और उनके सहयोगियों ने अस्पताल में 25,000 रुपये का योगदान दिया और शादी के दिन आए हुए मेहमानों से 17,000 रुपये की इकट्ठा हुए. इतना ही नहीं, श्रुति ने Voice of Stray Dogs के लिए ऑनलाइन फ़ंड भी जुटाया था, जो निजी तौर पर चलने वाली रेस्क्यू सर्विस थी, जहां उसे क्राउडफ़ंडिंग के जरिए 25,000 रुपये मिलते थे.

News से जुड़े आर्टिकल ScoopwhoopHindi पर क्लिक करें.