5 अगस्त, 2019 को 370 और 35ए ख़त्म कर दिया गया. इसके साथ जम्मू कश्मीर राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख.


इसके साथ ही देश की आवाज़ें भी दो हिस्सों में बंट गईं, कुछ 370 के ख़त्म होने के समर्थन में तो कुछ इसके विरोध में.

Jammu Kashmir & Laddakh
Source: Scoop Whoop Hindi

देशवासी और तथाकथित देशप्रेमी यहीं नहीं रुके, भर-भर के घटिया Memes, गाने भी बनने लगे. बीजेपी के मुज़फ़्फ़रनगर के खतौली सीट के एमएलए ने तो यहां तक कह दिया कि यूपी के लौंडे कश्मीर की गोरी लड़कियों से शादी कर सकेंगे.

Laddakh Beautiful Images
Source: Holidays 2 Cherish

इन सब बकवास के अलावा कुछ लोग ऐसे हैं जो कश्मीरियों की बदहाली की फ़ेक तस्वीरें शेयर कर रहे हैं.

Fake Images of Kashmir
Source: Facebook

India Today की रिपोर्ट के अनुसार, फ़ेसबुक यूज़र. 'Fazlul Hoque Patowary' ने 'Deen E Islam' ग्रुप में 3 तस्वीरें शेयर की

इस पोस्ट का Caption था, 'Current Situation of Kashmir! Plz pray for them'


'कश्मीर की अभी के हालात! सभी दुआ करें.'

India Today ने जांच में पाया कि ये तस्वीरें अभी की नहीं हैं. ये तस्वीरें अलग-अलग घटनाओं और अलग-अलग साल की हैं.

पहली तस्वीर

Kashmir Plight Fake Picture
Source: India Today

India Today के मुताबिक, पहली तस्वीर जिसमें पुलिसवाला महिला का दुपट्टा खींच रहा है, ये जनवरी 3, 2011 को एक ब्लॉग में पब्लिश किया गया था. इस ब्लॉग का शीर्षक था, 'Genocide in Kashmir'. इस ब्लॉग में वादी में तब के हालात के बारे में लिखा गया था. India Today की रिपोर्ट इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई की ये तस्वीर कश्मीर की है या नहीं.

दूसरी तस्वीर

इस तस्वीर में एक पुलिसवाला महिला को लात मारते दिख रहा है. ये तस्वीर लगभग 3 साल पुरानी है. India Today को ये तस्वीर Greater Kashmir के फ़ोटो गैलेरी में मिली.


तस्वीर के कैप्शन में लिखा था,
'कुलगाम नौजवान के मृत शरीर को प्रदर्शनकारियों से छीनने के प्रयास में पुलिसवाले ने एक महिला पर बरसाईं लात.'

तीसरी तस्वीर

तीसरी तस्वीर में एक महिला पुलिसवाले के पांव पकड़ रही है. ये तस्वीर 17 मई, 2004 को खींची गई थी. India Today को ये तस्वीर, Shutterstock पर मिली और इसका क्रेडिट अल्ताफ़ क़ादरी को दिया गया था. तस्वीर के कैप्शन में लिखा था,


'रफ़ीक़ अहमद की बहन, समीना ने अपने भाई की रिहाई की मांग करते हुए अपना हिजाब उसके पैरों पर रख दिया.'

ये तस्वीर कश्मीर की है या नहीं, India Today इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई.

इससे पहले पाकिस्तानी पत्रकार, आमिर अब्बास ने भी ट्विटर पर फ़ेक तस्वीरें शेयर की थी.

India Today ने अपनी जांच में पाया कि पहली तस्वीर गाज़ा की है और दूसरी तस्वीर कश्मीर की है पर लगभग 15 साल पुरानी.

Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक, उधमपुर, साम्बा, कठुआ में 9 अगस्त को स्कूल खुले.

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