ट्रैफ़िक को देखते ही कैसा लगता है? मन करता है न कि सबको हटाकर उनके ऊपर से निकल जाऊं. गाड़ी में घंटों बैठे-बैठे समझ ही नहीं आता कि क्या करें? दोस्तों से बात करते-करते भी मुंह थक जाता है. मगर ये ट्रैफ़िक नहीं हटता है. इस बढ़ते ट्रैफ़िक ने ही भारत के इन शहरों को सबसे ज़्यादा ट्रैफ़िक वाला शहर बना दिया है.

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इस लिस्ट में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु भी हैं आप यही सोच रहे थे. इस लिस्ट के ज़रिए In-Vehicle Navigation Company, TomTom ने अपना वार्षिक ट्रैफ़िक इंडेक्स जारी किया है. इसमें 6 महाद्वीपों के 57 देशों के 416 शहर शामिल हैं.

TomTom के आंकड़ों के अनुसार, भारत सबसे ज़्यादा ट्रैफ़िक वाला देश है. 10 सबसे भीड़भाड़ वाले शहरों में 4 भारत के हैं, जिनमें बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और पुणे शामिल हैं.

बेंगलुरु, आईटी हब है यहां पर ट्रैफ़िक व्यवस्था सबसे ख़राब है. TomTom के ट्रैफ़िक इंडेक्स में ये बताया गया था कि, 20 अगस्त 2019 को 103% के क़रीब ट्रैफ़िक था और 6 अप्रैल 2019 को 30% था.

बेंगलुरु के बाद 71% ट्रैफ़िक के साथ फ़िलीपींस का मनीला है. इसके अलावा चौथे और पांचवें नम्बर भारत के मुंबई और पुणे हैं, जबकि बोगोटा तीसरे स्थान पर है.

दिल्ली, भारत की राष्ट्रीय राजधानी 8वें स्थान पर है, जबकि मास्को (रूस), लीमा (पेरू), इस्तांबुल (तुर्की) और जकार्ता (इंडोनेशिया) क्रमशः 6वें, 7वें, 9वें और 10वें स्थान पर हैं.

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मुंबई में 9 सितंबर, 2019 को 65% यातायात भीड़ दर्ज की गई जो सबसे ख़राब दिन है. औसतन, इस ट्रैफ़िक की भीड़ में फंसकर एक मुंबईकर के क़रीब 209 घंटे ख़राब हुए. 2 अगस्त, 2019 को पुणे में 59% ट्रैफ़िक दर्ज किया गाया, जिसमें लोगों के क़रीब 193 घंटे ख़राब हुए. दूसरी ओर, 23 अक्टूबर, 2019 को दिल्ली में 56% ट्रैफ़िक था, जिसमें 190 घंटे ख़राब हुए.

ट्रैफ़िक में फंसकर कुछ भी कहो, बुरा हाल हो जाता है.

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