COVID-19 महामारी के बारे में दिन-प्रतिदिन लोगों को जागरूक किया जा रहा है. लोगों को इससे बचने के लिए सफ़ाई रखना ज़रूरी है. इसके लिए हाथों को धोने का भी एक अलग तरीका है ताकि आपके हाथ अच्छी तरह से साफ़ हों.

people follow social distancing.
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हाल ही में राज्य खेल आयुक्त ओम प्रकाश बकोरिया ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है. ये वीडियो महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एक टीचर सरिता नागकीर्ति का है. इसमें वो झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों को COVID-19 महामारी के बारे में बता रही हैं. बच्चों को जागरूक करने के लिए सरिता ने उन्हें 20 सेकंड तक हाथ धोने की दिनचर्या सिखाने के लिए मराठी में एक नर्सरी कविता सुनाई. 

COVID-19 की जंग जीतने के लिए हमारे फ़्रंटलाइन कार्यकर्ता पूरी शिद्दत से लगे हैं. तो वहीं सुनीता जैसे टीचर हॉटस्पॉट एरिया में जाकर मलिन बस्तियों में महामारी के बारे में बच्चों के साथ-साथ बड़ों की भी इसकी जानकारी दे रहे हैं.

सरिता रवींद्र स्कूल के स्टेट स्काउट और प्रोग्राम गाइड के ज़रिए मलिन बस्तियों में जा रही हैं और लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के टिप्स दे रही हैं.

Maharashtra teacher composes Covid-19 nursery rhyme for slum kids.

उन्होंने बताया,

जब 10 दिन पहले मुझे इन मिलन बस्तियों में भेजा गया था तब कैलास नगर और रोहीदास नगर में 30 लोग कोरोना पॉज़िटिव मिले थे. पहले लोग मुझे देखकर घबराए, लेकिन जब मैंने उन्हें खाने की चीज़ और मास्क दिए तो वो लोग सामान्य हो गए. ये चीज़ें मैंने अपने पैसे से खरीदीं थीं.
Maharashtra teacher composes Covid-19 nursery rhyme for slum kids.
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इसके आगे उन्होंने बताया,

बच्चे फिर भी डरे-डरे दिख रहे थे, जब उन्होंने सैनिटाइज़र और हैंडवॉश की बोतलें देखीं, लेकिन मैंने कुछ लोकप्रिय मराठी नर्सरी राइम्स का इस्तेमाल किया और एक मज़ेदार हैंडवॉश गीत बनाया.
Maharashtra teacher composes Covid-19 nursery rhyme for slum kids.

उन्होंने कहा,

मलिन बस्तियों के लोगों को भी कोरोनो वायरस से लड़ने के लिए स्वच्छता के स्तर के बारे में जानना चाहिए. इस बीमारी के संकट से उभरने के बाद भी मैं बच्चों को पढ़ाने के लिए इन हॉटस्पॉटों इलाकों में आती रहूंगी.

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