टीवी के लोकप्रिय धार्मिक सीरियल ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. गुरुवार को बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ख़बर की पुष्टि कर दी गई है.

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बीजेपी जॉइन करते हुए अरुण गोविल ने कहा कि वो देश के लिये कुछ करना चाहते हैं और इसके लिये एक मंच की ज़रूरत है. भला योगदान के लिये बीजेपी से बेहतर मंच कौन होगा.

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1980 में अरुण गोविल ने रामानंद सागर की धारावाहिक ‘रामायण’ में राम की भूमिका निभा कर घर-घर अपनी पहचान बना ली थी. ‘रामायण’ से उन्हें ऐसी लोकप्रियता हासिल हुई कि 29 साल की उम्र में उनकी स्टारडम चरम पर थी. मूल रूप से मेरठ निवासी अरुण गोविल सीरियल के अलावा हिंदी, उड़िया, भोजपुरी, और तेलुगु की कई फ़िल्मों में भी नज़र आ चुके हैं.

इसके अलावा 1992 में उन्होंने Yugo Sako’s Indo-Japanese एनिमेटेड फ़िल्म ‘Ramayana: The Legend of Prince Rama’ में भगवान राम के किरदार को अपनी आवाज़ दी थी.

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आपको बता दें कि भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को जनता ने इतना प्यार दिया कि लोग असली में उन्हें भगवान राम समझने लगे थे. हांलाकि, इसी लोकप्रियता का अरुण गोविल को काफ़ी नुकसान भी हुआ था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि ‘रामायण’ करने के बाद डायरेक्टर्स-प्रोड्यूसर उन्हें कोई रोल नहीं देना चाहते थे. 

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कई सालों तक इंडस्ट्री से ग़ायब रहने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा था कि जब भी वो किसी से रोल मांगने जाते, तो लोग कहते कि ये रोल तुम्हारे लायक नहीं है.

अरुण गोविल से पहले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भी बीजेपी में शामिल हुए हैं. सवाल ये है कि क्या मिथुन चक्रवर्ती और अरुण गोविल जैसे लोकप्रिय चेहरे बीजेपी को जीत की ओर ले जा पायेंगे? फ़िलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि राजनीति में कुछ भी संभव-असभंव है यार.