भारत की ज़मीन की रक्षा का ज़िम्म है भारतीय सेना पर, पानी की रक्षा का ज़िम्मा है नौ सेना पर और आसमानों की दुश्मनों से सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है भारतीय वायुसेना की. चाहे वो कोई भी युद्ध हो, हमारी वायुसेना ने दुश्मनों को आसमान की ऊंचाई से धूल चटाई है. भारतीय वायुसेना की स्थापना, 8 अक्टूबर, 1932 को की गई थी. भारतीय वायुसेना के रैंक्स, रोएल एयर फ़ोर्स पर ही आधारित हैं.


भारतीय वायु सेना के रैंक इन वर्गों में विभाजित हैं-

1. कमिशन्ड ऑफ़िसर
2. जूनियर कमिशन्ड ऑफ़िसर
3. नॉन कमिशन्ड ऑफ़िसर

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1. कमिशन्ड ऑफ़िसर

Marshal of the Air Force

ये 5 स्टार रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-10 है. भारतीय वायुसेना का ये उच्चतम रैंक है. ये रैंक आज तक सिर्फ़ अर्जन सिंह को दिया गया है. ये भारतीय सेना के Field Marshal और भारतीय नौसेना के Admiral of Fleet रैंक के समान है.

Air Chief Marshal

ये 4 स्टार रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-9 है. भारतीय वायुसेना में सिर्फ़ Air Chief Marshal ही Chief of the Air Staff बन सकते हैं. ये भारतीय सेना के General और भारतीय नौसेना के Admiral रैंक के समान है.

Air Marshal

ये 3 स्टार रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-8 है. ये भारतीय सेना के Lieutenant General भारतीय नौसेना के Vice Admiral रैंक के समान है. इस रैंक के अफ़सर Chief of Indian Airforce Formation के कमांडर की भूमिका निभाते हैं.

Air Vice-Marshal

ये 2 स्टार रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-7 है. ये भारतीय सेना के Major General और भारतीय नौसेना के Rear Admiral रैंक के समान है.

Air Commodore

ये 1 स्टार रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-6 है. Air Officer रैंक्स में ये सबसे जूनियर रैंक है. ये भारतीय सेना के Brigadier और नौसेना के Commodore रैंक के समान है.

Group Captain

ये एक सीनियर कमिशन्ड रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-5 है. ये रैंक भारतीय सेना के Colonel और नौसेना के Captain रैंक के समान है.

Wing Commander

ये एक सीनियर कमिशन्ड रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-4 है. ये भारतीय सेना के Lieutenant Colonel और नौसेना के Commander के बराबर है.

Squadron Leader

ये सीनियर ऑफ़िसर रैंक्स में सबसे जूनियर रैंक है. इसका NATO रैंकिंग कोड OF-3 है. ये रैंक भारतीय सेना के Major और नौसेना के Lieutenant Commander रैंक के समान है.

Flight Lieutenant

ये जूनियर कमिशन्ड रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-2 है. ये भारतीय सेना के Captain और नौसेना के Lieutenant रैंक के समान है.

Flying Officer

ये जूनियर कमिशन्ड रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OF-1 है. ये भारतीय सेना के Lieutenant और नौसेना के Sub Lieutenant रैंक के समान है

2. जूनियर कमिशन्ड ऑफ़िसर

Master Warrant Officer

ये जूनियर कमिशन्ड अफ़सरों की सबसे सीनियर रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OR- 9 है. Master Warrant Officer बनने के लिए न्यूनतम 28 साल की सर्विस देनी पड़ती है. ये भारतीय सेना के Subedar Major और नौसेना के Master Chief Petty Officer (First Class) के समान है.

Warrant Officer

ये जूनियर कमिशन्ड ऑफ़िसर रैंक है जिसका NATO कोड OR-8 है. ये भारतीय सेना के Subedar और नौसेना के Master Chief Petty Officer (Second Class) के समान है.

Junior Warrant Officer

इसमें Boastwain's Mates, Surgeon's Mates, Sailmakers, Armorers, Schoolmasters और क्लर्क्स सभी आते हैं. Junior Warrant Officer बनने के लिए एक Sergeant को कम से कम 17 साल की सर्विस और परीक्षा देनी पड़ती है. ये भारतीय सेना के Naib Subedar और नौसेना के Chief Petty Officer के समान है.

3. नॉन कमिशन्ड ऑफ़िसर

Sergeant

ये नॉन कमिशन्ड अफ़सर रैंकिंग है. Sergeant बनने के लिए कम से कम 13 साल 6 महीने की सेवा देनी पड़ती है. ये भारतीय सेना के Havaldar और नौसेना के Petty Officer रैंक के समान है.

Corporal

Corporal रैंक की NATO कोड रैंकिंग OR-4 है. ये रैंक भारतीय सेना के Naik और नौसेना के Able Seaman रैंक के बराबर है. Corporal बनने के लिए एक Leading Aircraftman कम से कम 5 साल की सर्विस देनी पड़ती है.

Leading Aircraftman

ये कोई रैंक नहीं है पर एक Title है जो वायुसेना में नॉन कमिशन्ड अफ़सरों को दिया जाता है. कम से कम 2 साल Aircraftman रैंक पर काम और ट्रेनिंग करने के बाद ये Title मिलता है.

Aircraftman

ये भारतीय वायुसेना की सबसे जूनियर रैंक है जिसका NATO रैंकिंग कोड OR-1 है. ये ट्रेनिंग रैंक है. Aircraftman कोई रैंक या Insignia नहीं पहनते. ये भारतीय सेना के Sepoy और नौसेना के Seaman के बराबर है.

इस लेख को लिखने में यहां से मदद ली गई है- Defence Brat, India Toda, Grade Up