6 जनवरी 2021 को अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई हिंसा हुई थी. चुनावों में मिली हार को ना तो उस समय के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पचा पा रहे थे ना उनके समर्थक. डोनाल्ड ट्रंप लगातार ट्विटर पर ख़ुद को जीता हुआ बता रहे थे. ट्विटर ने 9 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट सस्पेंड कर दिया था. 

इस मामले पर ट्विटर के CFO(मुख्य वित्तीय अधिकारी) Ned Segal ने Squawk Box में दिए गए एक इंटरव्यू में इस बारे में बात की. Ned से पूछा गया था कि अगर पूर्व राष्ट्रपति दोबारा चुनाव लड़ते हैं और राष्ट्रपति बन जाते हैं तो क्या आप उन्हें प्लेटफ़ॉर्म(Twitter) में दोबारा लाएंगे? इसके जवाब में Ned ने कहा, "जिस तरह हमारी पॉलिसीज़ काम करती हैं, अगर आपको प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया जाता है, तो फिर पूरी तरह से हटा दिया जाता है. फिर चाहे आप एक आप पूर्व या वर्तमान के बड़े नेता ही क्यों न हों. हमारी पॉलिसीज़ को इस तरह बनाया गया है लोग किसी भी तरह से हिंसा ना भड़काएं, यदि कोई ऐसा करता है तो हम उसे हटा देंगे और वो दोबारा प्लेटफ़ॉर्म में नहीं आ पायेगा." 

आपको बता दें कि बैन से पहले ट्रम्प के क़रीब 88.7 मिलियन फ़ॉलोअर्स थे. चुनाव के बाद ट्रम्प लगातार चुनाव जीतने के दावा करते हुए ट्वीट किये जा रहे थे जिस पर ट्विटर को This Claim Is Disputed जैसी वार्निंग भी देनी पड़ रही थी. जिस पर लोगों ने ख़ूब मीम्स भी बनाये थे. 

Source: indialegallive

हालांकि सिर्फ़ ट्विटर ही ऐसा प्लेटफ़ॉर्म नहीं था जिसने ट्रम्प को बैन किया था. ट्विटर के अलावा Apple, Discord, Facebook, Google, Instagram, Pinterest, Reddit, Shopify, Snapchat, TikTok, Twitch, और YouTube जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स ने भी ट्रम्प को बैन किया था.