बॉलिवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सोशल मीडिया पर स्टार किड्स को लेकर लोगों का ग़ुस्सा भड़क गया. लोग बॉलिवुड में फैले नेपोटिज़्म को लेकर सवाल खड़े करने लगे. लोगों के सवाल और रिएक्शन कितने जायज़ हैं, ये अलग डिबेट का मुद्दा हो सकता है, लेकिन बॉलिवुड के भीतर से आए एक जवाब ने लोगों को बड़ा हैरान कर दिया है.   

Source: indianexpress

दरअसल, एक्ट्रेस सोनम कपूर ने फ़ादर्स डे के मौके पर एक ट्वीट किया. ये ट्वीट उन लोगों को जवाब था, जो स्टार किड्स पर एक तरह से सवाल उठा रहे हैं.   

‘आज फादर डे पर मैं आपसे कहना चाहती हूं कि मैं अपने पिता की बेटी हूं और मैं आज उन्हीं की वजह से इस मुक़ाम पर हूं, मुझे विषेशाधिकार मिले हैं. ये कोई अपमान नहीं है. मुझे ये सब देने के लिए मेरे पिता ने कड़ी मेहनत की है. ये मेरा कर्म है कि मैं कहां पैदा हुई और किसके परिवार में पैदा हुई. मुझे मेरे पिता की बेटी होने पर गर्व है.’  

सोनम कपूर का ये जवाब बेहद डरावना है. ख़ासतौर से भारत के संदर्भ में देखें तो ये रोंगड़े कर देने वाला है. इस कर्म आधारित सोच ने ही भारत की एक बड़ी आबादी को सदियों तक हाशिए की ज़िंदगी जीने पर मजबूर किया है और ये सिलसिला अभी भी जारी है. सोनम कपूर ने जिस कर्म की बात की है, उसी सिद्धांत पर भारत की वर्ण व्यवस्था भी आधारित है. इसमें ये माना जाता है इंसान किस जाति और वर्ण में पैदा हुआ है, ये उसके पिछले जन्म के कर्म पर निर्भर करता है. भारत में छोटी जाति के कहलाने वाले लोग इसी सोच की वजह से उत्पीड़न का शिकार होते गए हैं.   

सोनम कपूर का कहना है कि ये उनके कर्म है कि वो किस परिवार में पैदा हुईं. इस हिसाब से जो लोग बड़े परिवारों या फ़िल्मी इंडस्ट्री में पैदा नहीं हुए, उनके पिछले जन्म के कर्म ख़राब रहे होंगे. ऐसे में क्या उन लोगों के इस जन्म में सज़ा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए?  

Source: therahnuma

सबसे पहली बात तो सोनम कपूर की ये समझ लेनी चाहिए कि वो किस परिवार में जन्मी हैं, ये उनका कर्म नहीं बल्क़ि क़िस्मत है. उन्होंने ऐसा करके कोई तीर नहीं मारा है. दूसरी बात सिर्फ़ आपके पिता ने कड़ी मेहनत नहीं की है बल्क़ि हर मां-बाप अपने बच्चों को पालने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने भी की थी, तब ही बिना किसी गॉडफ़ादर के उनकी गिनती बॉलिवुड के बेस्ट एक्टर्स में होती थी.   

सोनम कपूर का ये ट्वीट एक तरह से समाज में फैली ऊंच-नीच और उत्पीड़न को सही ठहरा रहा है. वो अनजाने में ही लेकिन जाति प्रथा जैसी बुराई और वर्ग आधारित भेदभाव को बढ़ावा दे रही हैं. सोनम कपूर को ये बात समझनी चाहिए कि वो बहुत से लोगों की रोल मॉडल हैं, ऐसे में उनके बेतुके कुतर्क बेहद ख़तरनाक दिशा में लोगों को ले जा सकते हैं.   

बता दें, सोनम के इस ट्वीट के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई है. ट्विटर पर #SonamKapoor ट्रेंड हो रहा है.