उससे क्यों ऊंची आवाज़ में बोलते हो जानते हो कितना गुस्सैल है? 

मेरे घर में तो यार, पापा हों या भाई सबका गुस्सा सातवें आसमान पर रहता है 
यार, उससे दूर ही रहा कर उसे गुस्सा बहुत आता है 
उसके सामने जो बोलना, सोच समझकर बोलना

Aggression
Source: thepsychfiles

अरे, ऐसा करने को अकसर क्यों कहा जाता है? क्यों लड़कों का मारापीटी करना इतना सामान्य है? क्यों घर में लोग इन पर बात नहीं करते हैं? हर चीज़ को नॉर्मल कर देना ही सबसे ख़तरनाक बात है. तभी तो आए दिन सड़कों पर और घरों में हिंसा करते लोगों को ये कहकर टाल दिया जाता है कि अरे इसे गुस्सा आ गया होगा.

मैं पूछती हूं कि क्यों गुस्सा आ गया होगा? क्या इसी बात को आराम से नहीं कहा जा सकता था?

Anger
Source: fakingnews

मैं आपको बताऊं अभी कुछ ही दिन पहले की बात है मैं मेट्रो फ़ीडर बस में थी. तभी अचानक वो बस एक कार से टकरा गई और उस कार का शीशा टूट गया. जैसे ही ये घटना हुई उस कार से 5 लड़के उतरे जो काफ़ी यंग थे उतरते ही बस ड्राइवर को मारने लगे. बस ड्राइवर की उम्र कुछ नहीं तो 60 साल तो थी. कहां वो 60 साल के और ये सभी लड़के 25 से 28 साल के होंगे. मैंने देखा तो मैंने ड्राइवर को बचाने के लिए उन्हें अपनी तरफ़ खींचा और बस में बैठे बाकी लोगों से कहा कि अरे इन्हें रोकिए. मगर कोई भी आदमी उसमें आगे नहीं आया. तभी मैं और एक लड़की बस से उतरे क्योंकि बाकी लड़के कंडक्टर को मार रहे थे. जैसे-तैसे उनको बचाया.

bus Stand
Source: patrika

मैंने उन लड़कों से इतना कहा कि अगर आप इनसे अपने नुकसान का हरजाना ले लेते तो शायद ये सब नहीं होता. क्योंकि आप लोगों को भी पता था कि वो ड्राइवर बूढ़े हैं और कंडक्टर भी कुछ ख़ास मोटा नहीं था तो आपने इन लोगों पर अपना ज़ोर चला लिया. बस में बैठे बाकी भी तो आदमी और लड़के थे उन्हें गुस्सा क्यों नहीं आया? क्यों उन्हें नहीं लगा कि इन लड़कों को मारना चाहिए?  

आप बताइए इन लड़कों ने जो किया क्या वो सही था? जिनको लगता है न कि मेरे बेटे का ये नेचर है उन्हीं लोगों के लड़के सड़कों पर ऐसा करते हैं.

Arrogance
Source: ibtimes

एक दूसरा किस्सा बताती हूं जो मेरी फ़्रेंड ने बताया था,

एक दिन वो मेट्रो से बाहर आई तो एक लड़का बड़ी महंगी सी बाइक पर था और उसके आगे एक ऑटोवाला था. भीड़ काफ़ी थी तो जैसे ही लड़के ने गाड़ी रोकी वो अंकल जी ने अपना ऑटो रोक दिया. इस चक्कर में ऑटो पीछे खड़ी उस लड़के की महंगी बाइक से टकरा गया. उस महंगी बाइक से लड़का उतरा और अंकल जी की उम्र का लिहाज़ किए बिना अपनी गाड़ी की ओर इशारा करते हुए गाली देने लगा. उन पर चिल्लाने लगा कि देखो मेरी गाड़ी इतनी महंगी है गिर जाती तो. उसको वो नहीं दिख रहा था तो कि वो सबकी नज़रों में गिरता जा रहा था.
accident
Source: coverfox

इस लड़के के बात करने के तरीके को आप क्या कहेंगे उसका नेचर? ऐसा नेचर किस काम का जो किसी बड़े की इज़्ज़त न करे. अगर ये उसका गुस्सा था तो वो नॉर्मल नहीं था जिस तरह से इन लड़कों ने रिएक्ट किया वो नॉर्मल गुस्सा नहीं, बल्कि Aggression और Anger है. ये एक गंभीर समस्या है. इसे नज़रअंदाज़ करने के बजाय अपने लड़कों से बात करिए.

domestic voilence
Source: faithoncampus

हर छोटी छोटी बात पर गाली गलौच करना और मारने को उतारू हो जाना ये नॉर्मल नहीं हो सकता.

anger
Source: idiva

एक बार आप इस रिपोर्ट पर नज़र डालिए. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर तीन में से एक महिला अपने ही पार्टनर के द्वारा शारीरिक और यौन हिंसा का शिकार होती है. भारत सबसे अधिक हिंसात्मक घटनाओं वाले देशों में से एक है और यहां महिलाएं सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं. इसके अलावा National Crime Records Bureau के 2015 के आंकड़ों की मानें, तो 95.5% बलात्कार में अपराधी किसी न किसी तरह से विक्टिम से जुड़ा हुआ ही है.

Aggression
Source: businesstoday

अब ये सवाल हर उस इंसान से जिसे लड़कों का गुस्सा सामान्य और उनका व्यवहार लगता है, वो मुझे बताएं अगर ये सामान्य होता तो ये रिपोर्ट नहीं आती. क्यों हमने गुस्से को व्यवहार मान लिया है? हमारी इसी भूल ने इस देश को ख़तरनाक और असुरक्षित देश की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है. तो अगली बार जब आपका लड़का तेज़ आवाज़ में बात करे तो उसे रोकने की कोशिश करें उसे नज़रअंदाज़ मत करें.