2017 में एक फ़िल्म आई थी, 'भूमि'. फ़िल्म में संजय दत्त और अदिति राव हैदरी हैं. फ़िल्म में संजय दत्त ने भूमि (अदिति राव हैदरी) के पिता का रोल निभाया है. शादी से एक दिन पहले भूमि का गैंगरेप हो जाता है. जब शादी वाले दिन ये बात वो अपने मंगेतर को बताती है तो वो उससे शादी के लिए मना कर देता है. फ़िल्म के मुताबिक़, मंगेतर और भूमि बेस्ट फ़्रेंड्स हैं! भूमि और उसके पिता मिलकर सारे रेपिस्ट्स से बदला लेते हैं. और इस तरह इंसाफ़ होता है.


फ़िल्म में सर्वाइवर के आस-पास के लोग बातें बनाते दिखते हैं और भूमि का फ़ोन नंबर गंदी बातों के साथ दीवार पर लिखे होने का भी सीन है.

ये तो फ़िल्म की बात थी. असल ज़िन्दगी में ज़ाहिर सी बात है रेप Survivors की ज़िन्दगी और मुश्किल होती है. मैं रोज़ इस समाज को देखती हूं इसलिए ये बात कह सकती हूं. इस बात का सुबूत मिला इस ख़बर में.

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में बीते गुरुवार को स्कूल जाती एक लड़की को दो SUVसवार उठा लेते हैं और उसका रेप करते हैं. बीते सोमवार पुलिस 2 लोगों को गिरफ़्तार भी कर लेती है. बच्ची को बलात्कारी एक सुनसान जगह पर छोड़कर भाग जाते हैं वो हिम्मत करके एक दुकान पर पहुंचती है जहां से लोग उसे स्कूल ले जाते हैं. स्कूल का प्रिंसिपल पुलिस को बताने के बजाए उसके माता-पिता को बुलाकर ये कहता है कि बच्ची का नाम स्कूल से काटा जा रहा है.


कुछ रिपोर्ट्स प्रिंसिपल पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं. हो सकता है आरोप बेबुनियाद हों पर रेप Survivor की ज़िन्दगी को ये समाज कभी नॉर्मल होने नहीं देता. ये वो समाज है जो सिर्फ़ ज़ख़्मों पर नमक-मिर्च लगाना जानता है.

देश में कई रेप्स की रिपोर्ट्स ने होने की वजह 'समाज के वही 4 लोग हैं' जो पता नहीं क्या सोचते हैं? छेड़छाड़ करने वालों को देखकर कुछ न बोलने वाला ये समाज रेप पर मोमबत्ती तो जला देता है पर रेप Survivors का जीवन सहज बनने नहीं देता.


ज़रा उस लड़की का सोचिए जिसे एक के बाद एक ऐसे दर्द मिले. क्या वो लड़की कभी सहज होकर स्कूल जा पाएगी? समाज को Survivors को संबल देना चाहिए पर ये उनकी ज़िन्दगी और बद्तर बना देता है.