मुंबई के जिस शिवाजी पार्क में सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के गुर जिस गुरु से सीखे थे उसी गुरु रमाकांत आचरेकर और उसी मैदान ने देश को एक और हरफ़नमौला क्रिकेटर दिया था. इस क्रिकेटर का नाम है अजीत भालचंद्र अगरकर जिन्हें दुनिया अजीत अगरकर(Ajit Agarkar) के नाम से जानती हैं.

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अजीत अगरकर ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों(टेस्ट, वनडे और T20) में 200 से अधिक मैच खेल और इनमें 349 विकेट भी चटकाए. अगरकर गेंदबाज़ी से तो सामने वाली टीम को डराते ही थे उनका बल्ला भी उनपर कहर बनकर टूटता था. अजीत अगरकर ने इंडिया के लिए कई रिकॉर्ड बनाए, जिनमें से एक रिकॉर्ड तो ऐसा है जिसे सचिन और सहवाग जैसे धुरंधर बल्लेबाज़ भी नहीं तोड़ पाए.

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वन डे क्रिकेट की बात करें तो इंडियन टीम से खेलने वाले टॉप 3 स्ट्राइक रेट वाले खिलाड़ी हैं वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और सुरेश रैना. मगर इन तीनों बल्लेबाज़ों में से किसी ने भारत के लिए सबसे कम गेदों में हॉफ़ सेंचुरी नहीं बनाई. ये रिकॉर्ड आजतक 2000’s के ऑलराउंडर अजीत अगरकर के नाम है. 

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सबसे तेज़ हॉफ़ सेंचुरी का रिकॉर्ड

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अजीत अगरकर ने 2000 में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ 21 गेंदों में हॉफ़ सेंचुरी जड़ दी थी. उनसे पहले ये रिकॉर्ड पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव के नाम था. उन्होंने मात्र 22 गेंदों में 1983 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ अर्धशतक बनाया था. अजीत अगरकर का ये रिकॉर्ड अभी भी कायम है. उनका ये रिकॉर्ड न तो सचिन-सहवाग तोड़ पाए और न ही आजकल के धाकड़ बल्लेबाज़ तोड़ पाए हैं. यही नहीं अगरकर ने 23 मैचों में 50 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड भी बनाया था. 

सबसे तेज़ 200 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों की लिस्ट में हैं शामिल

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मुंबई से आने वाले इस क्रिकेटर को उनकी दमदार गेंदबाज़ी के लिए अधिक याद किया जाता है. 2000’s के दशक में इनके फ़ैंस की कमी नहीं थी. इनके बॉलिंग एक्शन की नकल बचपन में बहुत से लोगों और क्रिकेटर्स ने की है. बॉलिंग में इनका नाम आज भी सबसे तेज़ 200 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर है. अजीत अगरकर 1999 और 2007 में वर्ल्ड कप खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा भी रहे हैं.