Captain Shiva Chouhan: 15,632 फ़ीट की ऊंचाई और -32 डिग्री का तापमान कुछ ऐसा हाल होता है दुनिया की सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का. यहां रहना और सरहदों की रक्षा करना नाकों चने चबाने जैसा है. दुनिया के सबसे कठिन बैटल ग्राउंड पर तैनात होने वाली देश की पहली महिला अधिकारी मिल गई है.

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इनका नाम है कैप्टन शिवा चौहान. इंडियन आर्मी में ये पहली बार है जब किसी महिला की सियाचिन ग्लेशियर पर पोस्टिंग की गई है. कौन हैं शिवा चौहान (Who Is Shiva Chouhan) और उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए कितनी मेहनत की है चलिए आपको बताते हैं.

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राजस्थान की रहने वाली हैं शिवा चौहान

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कैप्टन शिवा चौहान भारतीय सेना के Fire and Fury Sappers का हिस्सा हैं. वो राजस्थान के उदयपुर की रहने वाली हैं. उन्होंने उदयपुर के NJR Institute of Technology कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन किया है. 11 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया था. इसके बाद उनकी मां ने ही अकेले उनकी परवरिश की.

इंजीनियर रेजीमेंट में हैं तैनात

शिवा ने चेन्नई में आफ़िसर ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) की ट्रेनिंग ली है. मई 2021 में उन्हें भारतीय सेना की इंजीनियर रेजीमेंट में नियुक्ति मिली. पिछले साल जुलाई में शिवा ने कारगिल विजय दिवस पर 508 किलोमीटर (युद्ध स्मारक से कारगिल युद्ध स्मारक तक) सुरा सोई साइकिल अभियान का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था.

सियाचिन पर तैनात होने से पहले दी गई कड़ी ट्रेनिंग

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कैप्टन शिवा चौहान को यहां पर तैनात होने से पहले कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा. उनकी ट्रेनिंग सियाचिन बैटल स्कूल में हुई. यहां उन्हें दरारें पार करना, बर्फ़ की दीवारों को काटना और उन पर चढ़ना, बचाव अभियान और हिमस्खलन से बचने की ट्रेनिंग दी गई. शिवा ने पूरी प्रतिब्धता के साथ इस ट्रेनिंग को पूरा कर इसमें सफ़लता हासिल की.

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इसके बाद उन्हें उत्तरी उत्तरी ग्लेशियर के कुमार पोस्ट पर पोस्टिंग मिली. इससे पहले महिला अधिकारियों को बस सियाचिन बेस कैंप तक ही पोस्ट किया जाता था. शिवा चौहान की बहादुरी को भारतीय सेना सहित देश के पीएम और रक्षा मंत्री ने भी सलाम किया है. 

शिवा चौहान को Scoopwhoop Hindi की पूरी टीम की तरफ से सैल्यूट है.