World’s Oldest Bank: 21वीं सदी में बैंक हमारे जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है. केवल पैसे ही नहीं, क़ीमती आभूषण व महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स की सुरक्षा के लिए भी हम बैंक पर ही निर्भर रहते हैं. आज के दौर में ग्राहकों के क़ीमती आभूषणों की सुरक्षा के लिए बैंक में लॉकर सुविधा भी प्रदान की जाती है. लेकिन प्राचीनकाल में ऐसा नहीं था.

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ऐसे में सवाल उठता है कि प्राचीन काल में जब बैंक नहीं थे, तो लोग अपना क़ीमती सामान कहां सुरक्षित रखते थे? क्या आप जानते हैं सदियों पहले बैंकिंग सिस्टम कैसे होता था और इनमें कौन-कौन सी चीज़ें जमा की जा सकती थीं? नहीं जानते हैं तो चलिए हम बताते हैं.

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रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, सदियों पहले मोरक्को के 'अमाज़ी समुदाय' द्वारा उपयोग की जाने वाली रबत-इगुदार (Rabat-Igudar) दुनिया की सबसे पुरानी 'बैंकिंग प्रणाली' कहलाती है. रबत-इगुदार असल में अन्न के भंडार हुआ करते थे. अन्न के इन्हीं भंडारों को मानव इतिहास की सबसे पुरानी 'बैंकिंग प्रणाली' भी कहा जाता है.

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कहा जाता है कि मोरक्को के 'अमाज़ी समुदाय' के लोग अन्न के इन भंडारों का उपयोग अनाज (जौ और गेहूं), क़ानूनी दस्तावेज और महंगे गहने संभालकर रखने के लिए किया जाता था. ये सामूहिक अन्न भंडार बैंकों के शुरुआत होने के पहले संकेत भी हैं. हम जब भी 'बैंक' शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो इसका मतलब होता है संपत्ति की रक्षा के लिए एक सुरक्षित स्थान.

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अरबी अख़बार Emarat Al Youm की रिपोर्ट के मुताबिक़, दुनिया के इन शुरुआती बैंकों का प्रबंधन एक सचिव द्वारा किया जाता था, जिसे 'लामाइन' (Lamine) कहा जाता था. इसके अलावा बैंक के संचालन की ज़िम्मेदारी 10 लोगों की एक समिति द्वारा भी की जाती थी. इस समिति को इन्फ्लास (Inflas) कहा जाता था. ये समिति विभिन्न जनजातियों के प्रतिनिधियों द्वारा बनाई जाती थी.

मोरक्को (Morocco) के इन अन्न भंडारों की स्थापना कब हुई थी इसकी जानकारी फिलहाल किसी के पास नहीं है.