Inventions By Indians : दुनिया में चीज़ों की ज़रूरत कभी ख़त्म नहीं होती. इसी वजह से हमारी ज़िंदगी को और बेहतर बनाने के लिए रोज़ नए-नए आविष्कार (Inventions) होते रहते हैं. हमारे देश में भी कुछ आम लोगों ने ऐसे ख़ास आविष्कार किए हैं, जिन्होंने लोगों की ज़िंदगी आसान बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. इनमें से कुछ लोगों को इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल है, लेकिन कुछ के पास भले ही इंजीनियरिंग की डिग्री नहीं है, लेकिन उनके आविष्कार ऐसे हैं कि उन्हें देख कर बड़े-बड़े इंजीनियर्स की बोलती भी बंद हो सकती है.

आज हम आपको कुछ ऐसे ही इंजीनियर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके सस्ते आविष्कारों ने हम भारतीयों की ज़िंदगी काफ़ी आसान कर दी. 

Inventions By Indians

1. सीवेज पाइप से बना घर 

तेलंगाना के बोमक्कल गांव की सिविल इंजीनियर ग्रेजुएट पेराला मानसा रेड्डी ने एक सस्ता OPED Tube House बनाया है. उन्होंने ये कम लागत वाला घर सीवेज पाइप से बनाया, ताकि सड़क किनारे बेघर लोगों को एक स्थायी घर मिल सके. जब वो सिविल इंजीनियरिंग की स्टूडेंट थीं, तब उन्होंने देखा कि ग़रीब लोगों को साफ़ पानी मिलने में कितनी दिक्क़त होती है. इसी चीज़ ने कम क़ीमत के हाउसिंग ऑप्शंस के बारे में पढ़ने के लिए प्रेरित किया. सीवेज पाइप से बने इस घर में बाथरूम, किचन और बेडरूम भी है. 

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2. तंबुनुमा एयर कंडीशनर

रवि पटेल नाम के एक व्यक्ति  ने एक ऐसे कम क़ीमत वाले AC का आविष्कार किया, जो सिर्फ़ आपके बेड एरिया को कूल करता है. ये सामान्य एयर कंडीशनर की तुलना में 60 से 65 प्रतिशत तक कम बिजली की खपत करता है. इसका वजन 13 किलो है और ये सिर्फ़ 400 वाट की बिजली जनरेट करता है, जो तीन बल्ब को जलाने के बराबर है. 

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3. मल्टी हार्वेस्टर

हैदराबाद से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके दीपक रेड्डी ने किसानों के लिए एक कम कीमत वाली मशीन बनाई है. ये मशीन बंजर ज़मीन से पत्थर हटाती है और उसे खेती करने योग्य बनाती है. 

4. मिट्टी कूल

गुजरात के रहने वाले मनसुख भाई प्रजापति ने बिना बिजली से चलने वाले फ्रिज़ का इनोवेशन किया है. मिट्टी से बना ये फ्रिज़ पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है और इसमें 5-6 दिनों तक फल और सब्ज़ी फ्रेश रहते हैं. राजकोट मूल के इस आविष्कार को सेंटर फॉर इंडिया एंड ग्लोबल बिजनेस, जज बिजनेस स्कूल, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, यूके द्वारा मई 2009 में आयोजित एक सम्मेलन में प्रदर्शित किया गया है.

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5. पानी और ज़मीन पर चलने वाली साइकिल

बिहार के रहने वाले मोहम्मद सईदुल्लाह ने एक ऐसी साइकिल बनाई है, जो पानी और ज़मीन दोनों पर चल सकती है. इसे उन्होंने Amphibious Bicycle का नाम दिया है. अपने प्यार से मिलने की बेताबी ने बिहार के मूल निवासी मोहम्मद सईदुल्लाह को आविष्कारक बना दिया. इसलिए, उन्होंने एक उभयचर साइकिल बनाई जो अपनी पत्नी से मिलने के लिए प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए जमीन और पानी दोनों पर चल सकती है.

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6. वॉइस बॉक्स

बेंगलुरु के रहने डॉक्टर विशाल राव ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जो गले के कैंसर से ग्रसित मरीजों को वापस बोलने की क्षमता देने में मदद करती है. इसकी कीमत मात्र 50 रुपए है. इसे वैज्ञानिकों और नैतिक समितियों से भी अनुमोदन प्राप्त हो चुका है.

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7. जयपुर फ़ुट

पूर्व IAS अफ़सर देवेन्द्र राज मेहता ने कम क़ीमत वाले पैर का प्रोस्थेटिक बनाया है. वो भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के नाम से एक संस्था चलाते हैं. उनका ये आविष्कार अब तक कई दिव्यांग लोगों की मदद कर चुका है. दरअसल मेहता का 1969 में पोखरण में एक एक्सीडेंट हो गया था, जिसकी वजह से उनकी ज़िंदगी पर बात बन आई थी. मेहता ने अपना पैर तो नहीं खोया, लेकिन इस हादसे के बाद उन्हें पैर के एक्सपेंस का एहसास हुआ. इसी चीज़ ने उन्हें अपनी संस्था खोलने के लिए प्रेरित किया.

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8. स्पंदन

देहरादून के निवासी स्पंदन जैन ने एक कम क़ीमत वाली माचिस के डिब्बी की साइज़ की पोर्टेबल ECG डिवाइस बनाई है, जो दिल में होने वाली असामान्यताओं को डिटेक्ट कर सकती है. रोगी के सीने पर तीन बिंदुओं पर इलेक्ट्रोड लगाने के बाद इसे किसी के फोन से जोड़ा जा सकता है. एक एप की मदद से इसकी रीडिंग फोन पर दिखाई देगी.

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9. बुलेट शांति

गुजरात के मनसुख जगानी ने एक बाइक को मल्टी-यूटिलिटी मॉडर्न हल में तब्दील कर दिया. ये उन किसानों के लिए फ़ायदेमंद है जो बैलों और ट्रैक्टर का ख़र्चा नहीं उठा सकते. गरीबी के कारण उन्हें अपने बैल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा, लेकिन वो खेती जारी रखना चाहते थे. चूंकि जानवरों को संभालना मुश्किल और महंगा होता है, इसलिए वो एक ऐसा विचार लेकर आए, जिसका अन्य किसानों ने भी स्वागत किया.

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10. सोलर रिक्शा घर

तमिलनाडु के रहने वाले आर्किटेक्ट अरुण प्रभु ने एक ऑटो रिक्शा के ऊपर 1 BHK के सोलर घर का आविष्कार किया है. इसमें वो सभी ज़रूरी सुविधाएं हैं, जो एक घर के लिए चाहिए होती हैं. सेट-अप पोर्टेबल है और इसे किसी भी वाहन से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

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इन आविष्कारकों के धांसू आइडियाज़ को सलाम.